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आखिर क्यों, Google को सर्च फिक्सिंग से लगा जुर्माना?/Why Google fined by European Union?

एक घोटाला जो आपके साथ हर रोज और हर पल हो रहा है लेकिन आपको इसकी बिलकुल भी भनक नहीं है। आपके सारे राज़ Google और Facebook की तिजोरिओं में बंद हैं। दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में “Google” एक ऐसा Search Engine है जिस पर आप भी रोजमर्रा की न जाने कितनी queries को सर्च करते होंगे। कितनी ही ऐसी कंपनिया हैं जिनका गुजारा “Google” के बिना नहीं हो सकता।

लेकिन क्या हो अगर ये search engines या social networking sites आपका नजरिया बदलने लग जायें। आपकी जिंदगी में लेने वाले हर decision को अगर “Google” ही तय करेगा तो कहीं ना कहीं ये Internet एक तरह का जाल ही तो है जिसमें आप फंसते चले जा रहें हैं।

एक जानकारी के मुताबिक Google पर हर एक मिनट में 40 लाख queries आती है और पहले पेज के टॉप 10 search results से 95% लोगों की जरुरत पूरी हो जाती है। मतलब की 2nd पेज पर कोई जाना नहीं चाहता। इसका सीधा सीधा मतलब ये है कि “Google” अपने back-end में जो भी Algorithm सेट करेगा उसी से ही हमारी सोच तय होने वाली है। आप कौन सी कार खरीदेंगे, Vacations पर कहा जायेंगे, कौन से होटल में रुकेंगे, सब गूगल के द्वारा ही decide किया जा रहा है। ऐसा सोचना बड़ा Unrealistic सा लगता है लेकिन क्या करें इसी वजह से Google को जुर्माना भरना पड़ रहा है।

अब आपको बतातें हैं कि आखिर वो क्या वजह थी जिसके कारण “Google” को 2.42 बिलियन यूरो यानि 17 लाख 500 करोड़ रूपये का जुर्माना लगा है। यूरोपियन यूनियन ने पाया की Google पर आने वाले Search Results ईमानदार नहीं है जिस से ये साफ़ होता है कि  google consumer द्वारा किये जाने वाले results के साथ छेड़छाड़ कर रहा है। Google पर European Union के Anti Trust Rules के उल्लंघन करने का आरोप है जिसमें पाया गया है कि Google सर्च results को इस तरह से प्रभावित कर रहा है जिस से केवल Google के products ही बिक सकें।      

अब आप सोच रहे होंगे की Google के ऐसे कौन से प्रोडक्ट्स हैं तो आपको बता दें की “google” ने 2004 में यूरोप में “Froogle” नाम का product comparison shopping के लिए लांच किया था। 2008 में नाम बदलकर इसे “Google Product search” कहा जाने लगा। और अब यह 2013 से Google Shopping के नाम से जाना जाता है। यूरोप में अगर कोई गूगल पर कोई सर्च करता है तो “Google Shopping” से जुड़े रिजल्ट्स सबसे उपर आतें है जबकि Rival Companies के results पहले पेज पर वो जगह नहीं ले पाते।

यूरोपियन यूनियन के मुताबिक Google की shopping service का ट्रैफिक UK में 45 गुना, जर्मनी में 35 गुना और फ्रांस में 19 गुना बढ़ गया है और वहीँ दूसरी Shopping websites का traffic तेज़ी से गिरने लगा लगा है। गूगल की Rival shopping Companies का ट्रैफिक UK में 85%, जर्मनी में 95% और फ्रांस में 80% तक गिर गया है। इसका मतलब है कि consumer ने जिस जानकारी को search किया उसकी Correct information उसे नहीं मिल पाई।

यूरोपियन यूनियन ने Google को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने 90 दिनों के भीतर सही जानकारी उपलब्ध न करवाई तो इस से भी बढ़ा जुर्माना लगाया जा सकता है जिसमे Google को उसकी Parent Company “Alphabet Inc” द्वारा पूरी दुनियां में की जाने वाली प्रतिदिन की कमाई का 5% जुर्माने के रूप में देना पड़ सकता है।

 

 

One thought on “आखिर क्यों, Google को सर्च फिक्सिंग से लगा जुर्माना?/Why Google fined by European Union?

  1. Amazing news!! People don’t think like that and satisfy from first page results only. Great work by you Ankush Ji!! Such a nice article. Keep sharing such interesting information.

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