तो ये हैं “3 इडियट्स” मूवी के असली हीरो “सोनम वांगचुक” बोले तो “फुनसुक वांगडू”/Who is Sonam Wangchuk?

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Hello Fellows,

आज हम आपको जिस शख्सियत के बारे में बताने जा रहें हैं वे हैं मशहूर फिल्म “3 इडियट्स” के क़िरदार “फुंसुक वांगडू” और जिनका असली नाम “सोनम वांगचुक” है।  पिछले 20 सालों से इन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा का जिम्मा लिया हुआ है और अनोखे तरीक़े से पढ़ाई करवा कर उन्हें काबिल बना रहें हैं।

  1. 1988 में उन्होंने “Student Educational And Cultural Movement of laddakh” की शुरुआत की और जिसे लोग (SECMOL) के नाम से भी जानतें हैं।
  2. SECMOL एक ऐसा स्कूल है जहाँ बच्चे बड़े अनोखे ढंग से शिक्षा ग्रहण करते हैं।
  3. वांगचुक एक इंजीनियर हैं और उनकी “बर्फ स्तूप कृत्रिम ग्लेशियर परियोजना” को “लॉस एंजल्स” में पुरस्कृत किया जा चुका है।

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  4. उनका कृत्रिम ग्लेशियर 100 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है जिसमे अनावश्यक पानी को इकठ्ठा करके प्रयोग किया जाता है।
  5. वांगचुक एक ऐसा विश्वविद्यालय बनाना चाहतें हैं जहाँ उनके स्टाइल में शिक्षा प्रदान की जाये।
  6. अपने अनोखे कामो की वजह से वांगचुक को मिल चुका है “Rolex Award”
  7. सन 2008 में उनके द्वारा किये गये लद्दाख में किये गये कामों की वजह से “CNN IBN” चैनल ने उन्हें “Real Heroes” नाम का अवार्ड दिया जिसे लेने के लिए वे मुंबई गये और वहां उनकी मुलाकात “आमिर खान” से हुई।
  8. वांगचुक ने उसी कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार लेने के बाद बताया कि सियाचिन ग्लेशियर पर पाकिस्तान और भारत की माताओं ने अपने ना जाने कितने बेटे गंवा दिए और उस बर्फ के टुकड़े को बचाने के लिए प्रतिदिन 5 करोड़ रूपये खर्च होते हैं। क्या कोई फिल्म नहीं बन सकती कि लोगों का उस स्थान के प्रति कोई रूझान बने और जो पैसा रक्षा पर खर्च होता है वह शिक्षा पर खर्च हो।
  9. उनकी इस सोच को धक्का तब लगा जब बॉलीवुड से फिल्म बनाने की एक टीम तो आई लेकिन बिलकुल अलग कहानी के साथ जिसमे उनके द्वारा दिए गये सुझाव को ताक़ पर रख दिया गया। और एक अलग स्कूल में ही शूटिंग हुई।

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  10. 2 साल के बाद उन्होंने आमिर खान को एक पत्र लिखा कि ऐसे-ऐसे करके एक कहानी निकली थी और मैंने आपसे कुछ और ही discuss किया था।  लेकिन सोनम वांगचुक बतातें हैं कि पत्र का कोई जवाब नहीं आया और अब मैं इंतज़ार भी नहीं कर रहा क्योंकि भारतवर्ष को दुनियां में आगे ले जाने के लिए और भी काम करने हैं जिसमें वे लगे हुए हैं।

दोस्तों!! भारत में जहाँ बॉलीवुड, और क्रिकेट के लिए इतना पागलपन है कि हर व्यक्ति का अंतिम लक्ष्य केवल पैसा बनाना ही है वहां सोनम वांगचुक जैसे महान लोग देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन बड़ी श्रद्धा से कर रहे हैं। ईश्वर से प्रार्थना कि उन्हें शक्ति दें और हम भी कहीं न कहीं उनकी इस मुहिम में भागीदार बन सकें। 

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