Newsfellow.com Punjabi songs lyrics & Audio पेट बढ़ता जा रहा भई पेट बढ़ता जा रहा…… (हास्य व्यंग्य कविता)

पेट बढ़ता जा रहा भई पेट बढ़ता जा रहा…… (हास्य व्यंग्य कविता)



पेट का बढ़ना आज के समय में सबसे गंभीर और सामान्य सी दिक्कत बनती जा रही है, ऐसी लोगों की क्या क्या समस्याएं होती है और वे किस प्रकार उन्हें बताने से हिचकिचातें हैं:

विशेष प्रार्थना: दोस्तों इस कविता का मकसद किसी को दुःख पहुंचाना या किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना बिलकुल भी नहीं है इसलिए इस कविता को केवल हास्य-रस के लिए पढ़ा-सुना जाये

पेट बढ़ता जा रहा

थोड़ा थोड़ा रोज ऊपर है ये चढ़ता जा रहा

पेट बढ़ता जा रहा….

कपड़े अब आते नहीं, इशटाइल भी भाते नहीं

जो इशारे थे समझते, अब समझ पाते नहीं

चेहरा पढ़ के जान लेते थे जो मन मे क्या छिपा

क्यों कोई उल्लू का पट्ठा अब ना इसे पढ़ पा रहा

पेट बढ़ता जा रहा………..

बढ़ रहा है पेट तो मेरे ये बस की बात नहीं

सारा सारा दिन मैं केवल सोचता हूँ बस यही

Guilty रहती है हमें और चेहरा मौन सा है

पत्नी रोज छेड़ती है बताओ!! महिना कौन सा है

व्यंग्य बाणों का है मुझ पर बोझ पड़ता जा रहा

पेट बढ़ता जा रहा …….

फीते बाँधने झुकूं तो साँस चढ़ जाता है

बटन कोई शर्ट का बंद न हो पाता है

छोड़ पैंट टाइट किया पायजामे का नाड़ा

फिर भी झुको तो दिखता है इसमें से पिछवाड़ा

खाना भी खाने बैठूं तो कमबख्त अड़ता जा रहा

ये पेट बढ़ता जा रहा, दिन रात बढ़ता जा रहा…

भटूरे,समोसे,पकौड़े जैसा हल्का भोजन ही अब खातें हैं

अरे!! हल्का कैसे न हुआ ये सब तैरकर उपर जो आ जातें हैं

जितना मर्जी खा लूँ मेरा तो मन ही नहीं भररररता

जो करे रोक टोक उसके पास ना मैं खड़ड़ड़ड़ड़ता

फ़ोकट के राय-चंदो से यूँ ही झगड़ता आ रहा

पर पेट बढ़ता जा रहा उपर है चढ़ता जा रहा……

इंडियन टॉयलेट पर पैर मेरे सुन्न हो जातें हैं

एक बार बैंठे तो फिर उठ कहाँ पातें हैं

गुसलखाने में रखवा के कुर्सी अब तो मैं नहाता हूँ

स्टैंडिंग सीट कन्फर्म करके ही घर किसी के जाता हूँ

वेयिंग मशीन का काँटा 100 के पार चढ़ता जा रहा

पेट बढ़ता जा रहा……

जिम करो, काढ़ा बनाओ, और पिओ पानी गरम

करके देखो कैसे न होगी तुम्हारी body नरमा-नर्म

कुछ दिन करो तो आयेगा चेहरे पर चमकू Glow

कब्ज़ भी टूटेगी बन जायेगा Motion का flow

गर्म हवाओं से वादियों की हर कोई सड़ता जा रहा

पेट बढ़ता जा रहा….पेट बढ़ता जा रहा

दोस्तों!! आपको हमारा ये article कैसा लगा हमें कमेंट करके जरुर बताएं और आप हमें hellonewsfellow@gmail.com पर Email भी कर सकतें हैं

3 thoughts on “पेट बढ़ता जा रहा भई पेट बढ़ता जा रहा…… (हास्य व्यंग्य कविता)”

  1. Sumit says:

    Hahahha..funny!!

  2. Narayan says:

    Nice creativity man!! keep it up!!

  3. Namo says:

    Cool…great work!!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *