एक ऐसा देश जो भविष्य के लिए तैयार है : Only Country which is future ready

Hello Fellows,

विश्व में बहुत से देश ऐसे हैं जिन्होंने भविष्य में प्रकृति दोहन के फलस्वरूप आने वाले खतरों को भांप लिया है और अपनी जरूरतों को सीमित करके आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित भविष्य देने का निर्णय लिया है।

भारत में भी बहुत से ऐसे संगठन हैं जिनका नारा है कि “चलो गाँव की ओर”। इसका वास्तविक मतलब अपने लाइफस्टाइल को गिराना कभी नहीं हो सकता बल्कि अपनी जरूरतों को सीमित करके तकनीकी साधनों के अन्धानुकरण से बचने की प्रेरणा देना भी है।

Technology का उपयोग हम इस प्रकार से करें कि हमारी आने वाली पीढ़ी हमें प्राकृतिक साधनों के दोहन का दोषी न समझे। Destruction के रास्ते पर न चलकर तकनीक का इस्तेमाल Constructive कैसे हो सकता है इसके बारे में भी विचार करें।

एक ऐसा देश जो भविष्य के लिए तैयार है या कहें कि ऐसा ही उदाहरण नीदरलैंड ने स्थापित किया है। आईये जानतें हैं कि हर प्रकार से संपन्न होकर भी प्रकृति के साथ ताल-मेल कैसे बिठाया जा सकता है जिस से कि समाज सभ्य बनने की ओर अग्रसर हो।

1. जानवरों के प्रति जागरूकता: कोई भी पशु आवारा नहीं घूमना चाहिए, यदि ऐसा है तो उसके लिए पर्याप्त भोजन और आवासीय सुविधा का प्रबंध करना समाज की जिम्मेवारी है। नीदरलैंड में आपको कोई भी homeless Dog नहीं मिलेगा और ऐसा संभव हुआ है वहां की सरकार का जानवरों के प्रति दयाभाव और उनकी रक्षा करने की प्रतिबद्धता के चलते। अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो कठोर नियम बदलाव ला सकतें हैं।

2. प्राकृतिक ऊर्जा का उपयोग: आपको जानकर हैरानी होगी कि नीदरलैंड में विश्व की सबसे पहली Solar Powered Bike Lane का निर्माण हुआ है जिसके ऊपर वाहन चलाने से ऊर्जा उत्पन्न होती है। एक अनुमान के अनुसार 70 मीटर लम्बी रोड 70 किलोवाट प्रति वर्गमीटर की ऊर्जा एक साल में उपलब्ध करवाती है।

3.  हर 50 मीटर की दूरी पर कार चार्जिंग प्वाईंट: नीदरलैंड में हर 50 मीटर की दूरी पर आपको कार चार्ज करने के प्वाईंट मिल जायेंगे। यह लोगों की पर्यावरण के प्रति जागरूकता ही है कि हर व्यक्ति प्रदूषण फ़ैलाने वाले वाहनों से मुक्ति चाहता है।

 

4. साइकिल का ही करेंगे इस्तेमाल: नीदरलैंड में एक  शहर ऐसा भी है जहाँ लोगों ने यह decide किया है कि हम अपने शहर को प्रदूषण से मुक्त रखेंगे और केवल साइकिल का प्रयोग करेंगे या फिर पैदल चलेंगे 🙂 अपने क्षेत्र में जहाँ तक संभव हो साइकिल चलाना यहाँ के लोगों की प्राथमिकता बनता जा रहा है।

5. डीज़ल और पेट्रोल करेंगे बैन: जल्द ही यहाँ पर पेट्रोल और डीज़ल से चलने वाले वाहन बैन कर दिए जायेंगे लोगों की पर्यावरण के प्रति जागरूकता के चलते 2025 के बाद कोई भी पेट्रोल या डीज़ल वाहन सड़कों पर नहीं दिखेगा और उनकी बिक्री पर भी रोक लगा दी जाएगी।

6. चरित्र निर्माण पर ज़ोर: उच्च आदर्शों को स्थापित करके बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है और यही कारण भी है कि नीदरलैंड के लोग अपने नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक होने लगें हैं और इसका प्रमाण है कि नीदरलैंड की जेलें कैदियों के न होने के कारण बंद होने लगी हैं।  आपको जानकर हैरानी होगी कि 2009 के बाद से अब तक 19 जेलें बंद हो चुकी हैं जिसका साफ़ मतलब है कि क्राइम रेट में कमी आई है।

7. जंगली जानवरों के लिए सुरक्षित crossing: शहरीकरण बड़ी तेज़ गति से हो रहा है जिसके चलते जंगलों को काट कर सडकें बनाने का काम किया जाता है लेकिन प्रतिदिन वाहनों की चपेट में आने से ना जाने कितने जंगली जानवर दम तोड़ देतें हैं।  आखिर वे भी हमारी आहार श्रृंखला का एक हिस्सा हैं और उन्हें भी जीने के उतना ही अधिकार है जितना किसी भी इन्सान को। इसीलिए नीदरलैंड की सरकार ने जानवरों के सड़क पार करने के लिए 6000 फुट ओवर ब्रिज का निर्माण पूरे नीदरलैंड में करवाया है जैसा कि नीचे चित्र में आप देख सकतें हैं।

नीदरलैंड सरकार द्वारा उठाये गये यह कदम सराहनीय हैं और किसी भी देश के नागरिक ऐसी ही शुरुआत करके अपने आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने के लिए अग्रसर हों ऐसी कामना है।

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