Home > Inspirational > wow! momo : मोमोज़ बनाने के आईडिया से खड़ी कर दी 500 करोड़ की कंपनी

wow! momo : मोमोज़ बनाने के आईडिया से खड़ी कर दी 500 करोड़ की कंपनी

Sagar daryani wow momo

Hello Fellows,

आज जिनकी कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं उनके नाम हैं सागर दरयानी और बिनोद कुमार जिन्होंने जावेद अख्तर जी की पंक्तियों को आत्मसात किया और चल निकले अपनी मंजिल की तरफ और बना डाला wow momo को लोगों का चहेता ब्रांड 🙂
“मंजिले है तो मुश्किलें हैं
मुश्किलें हैं तो हौंसला है
हौंसला है तो विश्वास है”
क्योंकि फाइटर हमेशा जीतता है
सागर और उनके दोस्त बिनोद कुमार, शाह मिफ्तौर रहमान ने कोलकाता में अपना यह बिजनेस आज से 9-10 साल पहले 2008 में शुरू किया। एक ही क्लास में पढ़ने वाले 21 साल के नौजवान जिनके पास बिजनेस करने के लिए मात्र 30000 रुपये ही थे।
सागर बताते हैं कि जब मैं कॉलेज में पढ़ा करता था तो मैं बड़ी-बड़ी कंपनियों जैसे Dominoz, pizza Hut, Nike, Reebok आदि ब्रांड्स से बड़ा प्रभावित होता था और उनके Logos अपनी Books, Notebooks पर draw करता रहता था और वे कहतें हैं कई हमें पता था कि MBA और चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए तो पढ़ना बहुत पड़ेगा CAT के एग्जाम में अच्छे marks आएंगे नहीं और किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन होगा नहीं क्योंकि मैथ के सब्जेक्ट में तो छक्के छूटे हुए थे 🙂
आगे वे बताते हैं कि कॉलेज में जब वह थर्ड ईयर में थे तो वह अपने ब्रेकअप से उभरने की कोशिश कर रहे थे जिसकी वजह से वह इमोशनली इतने weak हो गए थे कि अकेले में पढ़ नहीं पाते थे तो उन्हें उनके रूम पर उनके फ्रेंड पढ़ाने आ जाया करते थे।
जैसा कि होता ही है कि लेट नाइट तक अगर पढ़ा जाए तो भूख लगती है और भूख लगने के लिए इंस्टेंट खाने का सामान चाहिए ही होता है जैसे कि मैगी पिज़्ज़ा बर्गर कभी-कभी तो डोमिनोज की seasoning को maggie में मिलाकर बना लिया जाता था।
लेकिन दोस्त बिनोद मोमोज़ बनाने भी जानता था। सागर आगे बताते हैं कि उनके स्कूल में एक महिला जो मोमोज़ बेचने आया करती थी उनसे मैं एक प्लेट मोमोज़ खरीदता था लेकिन उसमें से एक मोमोज़ ही खाता था और आंटी द्वारा बनाये गये मोमोज़ बहुत स्वादिष्ट होते थे।

कैसे आया wow! momo का आईडिया:

यह आइडिया उन्होंने अपने दोस्त बिनोद को दिया और कहा कि अगर लोग पिज़्ज़ा और बर्गर जैसे आइटम के साथ experiments कर सकते हैं तो हम मोमोज के साथ क्यों नहीं कर सकते उनके मन में इच्छा थी कि अगर Dominoz, pizza Hut, मैकडॉनल्स जैसे ब्रांड्स भारत में आकर अपना व्यापार कर सकते हैं तो कोई भारतीय फ़ूड कंपनी दूसरे देशों में जाकर अपना व्यापार क्यों नहीं कर सकती।
30000 रुपये के कैपिटल से शुरू हुई कंपनी को किन-किन challenges आये सागर कहते हैं कि मैं स्पेंसर के शोरूम में गया और उनसे रिक्वेस्ट की कि मुझे जगह चाहिए क्योंकि मैं अपना एक बिजनेस शुरू करना चाहता हूं।
Spencer को इसलिए चुना कि आपको लाइटिंग और फ्लोरिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी और सेटअप बना बनाया मिल जाएगा, वे जानते थे कि सारा काम खुद ही करना पड़ेगा सुबह 6:00 बजे साइकिल पर जाना और मोमोज लेकर आने। शुरुआत में अपने घर के garage में ही मोमोज़ बनाने शुरू किये। इश्तिहार आदि के लिए पैसे नहीं होते थे तो advertisement और मार्केटिंग करने के लिए स्पेंसर में आने वाले लोगों को वह मोमोस का टेस्ट करवा देते थे क्यूंकि उन्हें अपने प्रोडक्ट पर पूरा भरोसा था।

कितनी है कमाई:

धीरे-धीरे लोगों को मोमोज़ की क्वालिटी पसंद आने लगी और बिजनेस चल निकला अब Spencer शोरूम वालों को लगने लगा कि इन लोगों का बिजनेस तो अच्छा चल निकला है तो क्यों ना हम इन्हें साउथ सिटी स्पेंसर में भी एक शॉप खोलने के लिए कहें।
इस तरह से Wow momo का आईडिया शुरू हुआ और बिजनेस तेजी से बढ़ने लगा 1 महीने की सेल 7 से 8 लाख तक पहुंच गई।
जैसे जैसे इनकम होती गई वैसे वैसे उन्होंने अपनी कमाई को इन्वेस्ट करना ही ठीक समझा।
2015 मार्च तक वे अपने 43 स्टोर ओपन कर चुके थे और 19 से 20 करोड़ का व्यापार करने लग गए थे सन 2017 तक उनका व्यापार ढाई सौ करोड़ का हो चुका था इसकी वजह से उन्हें Indian Angel Networks की तरफ़ से 44 करोड़ की और फंडिंग मिल गई आज उनके 30 शहरों में 196 stores हैं।

क्या क्या experiments किये:

मोमोज़ के साथ इन्होनें काफी सारे experiments किए चिकन मोमोज बेचने के साथ साथ अब वेज में क्या वैरायटी होनी चाहिए तो पनीर मोमो, पनीर एंड कॉर्न मोमो,  वेज मोमो अच्छे से बिकने लगे तो इन्होंने सॉसेज के साथ उसका एक्सपेरिमेंट करना शुरू किया जैसे कि शेजवान सॉस मोमोज़, Pan-fried मोमोज़, स्मोकी मोमोज के साथ साथ सिजलर मोमोज़ भी आने लगे
लेकिन अब उनकी सबसे बड़ी दुविधा यह थी कि लोगों को प्लेट में मोमोज खिलाने से बढ़िया है कि इस को एक meal में कैसे बदला जाए जिस तरह आप मैकडोनाल्ड में जाते हैं और आर्डर बन जाने के बाद उसे ट्रे में रखकर आप अपनी टेबल पर लाकर खातें हैं

 

आईडिया आया कि थोड़े एक्स्ट्रा पैसे देकर आप इसके साथ फ्रेंच फ्राइज या कोई कोल्ड ड्रिंक भी ऐड करवा सकते हैं जिसे आप टेबल पर बैठ कर खा सकते हैं ऐसा करने में भी कामयाबी मिली और उन्होंने अपने एक snack को एक meal में तब्दील कर दिया उन्हें लगने लगा कि अगर हम meal provide कर रहे हैं तो dessert (मीठा) भी होना चाहिए
बच्चों को attract करने के लिए कोई ऐसा खाना तैयार करना चाहिए जिससे कि बच्चे बार-बार अपने माता पिता को लेकर आएं इस तरह से चॉकलेट मोमोज की शुरुआत हुई गर्मी के सीजन में जब आम बहुत होते हैं तो Alfonso mango से बने मोमोज भी बिकने लगे बहुत ही जल्दी वे मोमोज़ रोल एवं पिज़्ज़ा मोमोज़ भी लाने वाले हैं जिसे वह मो-रोल, मो-पिज़्ज़ा के नाम से प्रचारित करेंगे

कितने मोमोज़ बेचतें हैं हर रोज़? 

wow-momo हर रोज़ 150,000 मोमोज़ हर ऱोज बेचतें हैं जिसमें से 60000 तो केवल कोलकाता में बिक जातें हैं (यह आंकड़ा वर्ष 2016 का है) आज के समय में तो यह आंकड़ा 5 लाख को पार कर गया होगा 🙂

wow! momo वाले शुरू करेंगे कैंसर हॉस्पिटल:

किसी कर्मचारी के पिता जी को कैंसर हो गया उनकी chemotherapy सरकारी हॉस्पिटल में चल रही थी,यह सब देखकर उन्हें बहुत पीड़ा हुई, उन्होंने एक सपना सबके साथ शेयर करते हुए कहा कि आज से 20 साल बाद जब मैं और बिनोद 50 वर्ष के हो जायेंगे तो हम चाहतें हैं कि हम 50 कैंसर हॉस्पिटल खोलें जहाँ कैंसर से पीड़ित लोग मुफ्त में अपना इलाज करवा सकें

पैसा कहाँ से आयेगा: 

इस सपने को साकार करने के लिए अपना vision रखते हुए उन्होंने कहा कि wow! momo से अगर कोई व्यक्ति momos लेता है तो एक रुपया प्रति momo उस कैंसर हॉस्पिटल के लिए invest किया जायेगा

wow! momo ने कितने लोगों को दिया है रोज़गार :

दोस्तों! आपने देखा कि भारत का युवा कहाँ पहुँच गया है और किस प्रकार अपने कार्य की सटीक योजना से अनेकों अनेक कार्यों की रचना कर जरुरतमंदों की सहायता कर रहा है। आज wow! momo के साथ 1900  से ज्यादा लोग काम करते हैं जिसमे उनके हेड शेफ की सैलरी 2 लाख रुपये प्रति महीना है। आईये हम लोग भी किसी ऐसे ही आईडिया पर विचार करें और जुट जायें उसे सफल बनाने में 🙂
आपको हमारी यह पोस्ट कैसे लगी हमें hellonewsfellow@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से अवश्य बताएं और आपके आस-पास भी अगर कोई ऐसे ही उदाहरण हैं तो हमें उनकी स्टोरी बताएं हम अपनी वेबसाइट पर उसे अवश्य प्रकाशित करेंगे।

One thought on “wow! momo : मोमोज़ बनाने के आईडिया से खड़ी कर दी 500 करोड़ की कंपनी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *