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5 तरीके जो भगायेंगे सफल होने का डर/ 5 Ultimate ways to overcome the Fear of Success

आप हमेशा ही सफल होने के सपने देखते होंगे लेकिन सबसे बड़ा Question यह है कि क्या आपने कभी उसे achieve किया? आज से 10 साल पहले जब आप सिर्फ और सिर्फ लक्ष्य को ही सोचते थे तब आपके goals, आपकी इच्छाओं का एक अलग स्थान होता था, क्या आपने सोचा कि आज आप कहां हैं?

आपके मन में आता तो होगा ही कि यार! शायद मैं उतना try नहीं कर पाया जितना करना चाहिए था तो इसका मतलब है कि आपके साथ एक समस्या है जो कि पृथ्वी पर mostly लोगों के साथ है और इस समस्या का नाम है “Comfort zone”. दूसरे शब्दों में कहें तो आप सफल होने से डरतें हैं हम सबके साथ ऐसा ही होता है याद कीजिये जब first time आपको Teacher ने table सुनाने को बोला होगा और आप खुद को पूरी class के सामने अकेले खड़े पाकर nervous हुए होंगे, या जब आपको college, office में पहली बार कोई presentation देनी थी तो आपने उसे इतना concise कर लिया कि कम से कम समय में ही उसे पूरा किया जा सके इसका मतलब क्या है? कि आप अपने basic nature से बाहर नहीं आना चाहते या फिर आपका comfort zone आपको change नहीं होने देता. देखो भाई मैं अपनी life में एक लाइन follow करता हूँ शायद आपका भी भला होगा इस से. महात्मा बुद्ध के शब्दों में “Change is always uncomfortable but it always happens for good” . मुझे लगता है कि अगर मैं और आप इसे अच्छे से अपने जीवन में ले आएंगे तो हमारी life वैसी तो बिलकुल नहीं रहेगी जैसी आज है:)

हम अपने comfort zone से बाहर आना क्यों नहीं चाहते?

  1. जिस काम को करने में हम comfortable नहीं हैं, उसमे interest नहीं लेना चाहते या हमें लगता है कि time waste होगा तो हम क्या करते हैं कि हम initiative लेने से डरने लगतें हैं तो इसमें भी एक बात ध्यान रखनी होगी कि “lack of interest brings the lack of knowledge”
  2. अगर आज हमें सफलता मिल जाती है तो लोग जलेंगे, सब क्या सोचेंगे, अरे! भाई बड़ा हो गया, अब बड़े लोग हो यार तुम कहां बात करते हो, हमारी सफलता हमें Stardom की तरफ ले जाएगी तो हम अपने relations maintain नहीं कर पाएंगे इस बात का डर भी हमें आगे बढ़ने से रोकता है इसीलिए जहाँ हम हैं वहीँ रहना चाहते हैं लेकिन कभी इस बात को स्वीकार नहीं करते
  3. सफल होने से ज्यादा हम fail होने से डरतें हैं क्यूंकि success और failure एक ही सिक्के के दो पहलू हैं fail होने का डर हम पर इतना हावी हो जाता है कि हम सफल होने के लिए भी try नहीं करते शायद बचपन में आप और मैं पहली बार इसीलिए table सुनाने में झिझके होंगे J
  4. सफलता की कसौटी पर खरा उतरने के लिए आपको दिन और रात को भुलाकर काम में जुटना होता है और ये competition किसी और से ज्यादा खुद से होता है और सच मानें तो हम लोग hard work करने से डरतें हैं क्यूंकि comfort zone से बाहर नहीं आना चाहते
  5. मैं सफल नहीं हो सकता और अगर हो भी गया तो लोग कहेंगे कि “तेरी किस्मत बहुत अच्छी है बे!!” ऐसी सोच से हमें लगता है कि मैं तो यार success deserve ही नहीं करता और या फिर हम success को carry करने के burden से भी मुक्त रहना चाहतें हैं:)

क्या इस डर से मुक्त होने का कोई तरीका है? सच बताऊं “नहीं है” ज़िन्दगी आगे बढ़ने का नाम है और अपनी current situation को   change करना ही होगा

              “The greatest trouble is you think you have time”- Buddha

5 ways to overcome the fear the Success

  1. सफलता के महत्व को समझें: कोई भी चीज़ हमें तब तक सुख का एहसास नहीं करवाती जब तक उसका महत्व न पता हो success की आपके लिए क्या immportance है? पैसा कमाना, नौकरी करना, बड़ी गाड़ी खरीदना, कुछ लोगों के लिए समुद्र के किनारे नया घर खरीदना भी सफलता का पैमाना हो सकता है लेकिन तय आपको करना है कि आपके लिए सफलता के क्या मायने हैं? क्या आप उसी दिशा में आगे बढ़ पा रहें हैं जिस दिशा में आपने 10 साल पहले सोचा था? आराम से बैठिये, लम्बा सांस लीजिये और जो काम भी कर रहें हैं उसे 5 मिनट के लिए छोड़कर सोचें कि आपको अपनी किन गलतियों पर regret हो रहा है जिसकी वजह से आप अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाए वास्तव में यही आपके डर का कारण है लेकिन don’t worry अभी भी देर नहीं हुई है क्यूंकि आपकी तरह बहुत से legends हुए हैं जिन्होंने experience होने के बाद ही अपनी life में कुछ achieve किया और बाद में पूरे विश्व को lead भी किया आपको भी केवल और केवल अपने मन में विश्वास जगाना है कि हाँ मैं कर सकता हूँ क्यूंकि मेरे पास भी same capabilities हैं तो तैयार हो जाईये समय की रेत पर अपने पैरों के निशान छोड़ने को क्यूंकि मुझे विश्वास है कि one day you’ll lead the world 🙂
  2. डर को पहचानें:  हमें अपने जीवन का best देने से कोई रोकता है तो वो है हमारा डर और इसे ही पहचानने की जरूरत है क्यूंकि “डर के आगे जीत है” शेर अगर शिकार करने से डरेगा तो क्या वो अपने से कई गुना बड़े हाथी पर हमला करने की सोचेगा? हल्का-फुल्का घायल होने से न डरके और हाथी की सूंड मतलब परिस्थितिओं के वश में खुद को नहीं आने देना है resources की कमी को अपने डर का कारण ना बनने दें उदाहरण के तौर पर आप गाड़ी चला रहें हैं रात का समय है और अनजानी road है जिस पर आप कभी नहीं गये गाड़ी की lights on हैं, अब ध्यान देने वाली बात है कि resources limited हैं मतलब ये कि एक समय में 200-400 meter दूर ही आप देख पा रहें हैं लेकिन जैसे-जैसे आप आगे बढतें हैं रास्ते खुद-ब-खुद बनते चले जातें हैं प्रण कीजिये कि resources के न होने का रोना नहीं रोना है डर जैसी छोटी चीज़ आपके इतने बड़े लक्ष्य को पाने से नहीं रोक सकती
  3. सफलता के नतीजो के प्रति सजग रहें: क्या होगा जब आप सफलता हासिल कर लेंगे? उस समय आपकी जिंदगी कैसी होगी? कल्पना करें !! थोडा सा ध्यान दीजिये और जल्द ही आप अपने लक्ष्य प्राप्ति के बाद होने वाले नतीजों को visualize कर पाएंगे Pen और Paper लें और लिखें कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के दौरान क्या क्या negative outcomes आ सकती हैं जैसे मौज-मस्ती कैसे होगी, दोस्ती कैसे निभेगी, free time मिलेगा या नहीं, छुट्टियों पर जा पाउँगा या नहीं? अब आप उन सब positive points को भी note-down कीजिये जिसका अनुभव आपको सफल होने के बाद होने वाला है मैं Guarantee के साथ कह सकता हूँ कि positive points का वजन ज्यादा होगा और आप realize कर पाएंगे सफल होने के लिए Risk लेना और fight करना तो बनता है 🙂
  4. एक लंबा plan बनाइए: झोंपड़ी बनाने का plan करेंगे तो एक दिन में भी बना लेंगे लेकिन अगर आपको multi-story building बनानी है तो उसके लिए Architect से नक्शा बनवाना पड़ेगा क्यूंकि आप इतनी मेहनत करने के बाद कोई रिस्क नहीं उठाना चाहेंगे सफलता को लेकर बड़े बड़े ख्वाब देखना और अपनी कल्पना शक्ति पर रोक न लगा पाना भी आपको डर के सिवा कुछ नहीं दे पायेगा इसलिए long term में पूरे होने वाले छोटे-छोटे plans बनाइए और ध्यान दीजिये उनकी execution पर step by step आगे बढ़ेंगे तो पायेंगे कि knowledge बढ़ने के साथ interest जगने लगा है और हर तरह का डर धीरे धीरे दूर होता जा रहा है
  5. Results को लेकर जूनून मत पालें:  आपने सुना होगा “धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय, माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आये फल होय” अपने द्वारा की जाने वाली प्रतिदिन की मेहनत को ध्यान में रखिये results की चिंता daily basis पर करेंगे तो एक अलग प्रकार का डर आयेगा कि मैं “कर तो लूँगा ना” जिसकी वजह से आपको अपने आप पर शक होने लगेगा और आपका interest खत्म होने लगेगा आपको सिर्फ करना इतना है कि आपको रिजल्ट से ज्यादा अपने सफलता के सफ़र पर ध्यान देना है कामयाब लोग अपनी सफलता के कम अपनी struggle के किस्से ज्यादा सुनाते हैं डरिये मत प्रतिदिन set किये हुए Goals को achieve करें और congratulate करें, बधाई दें खुद को कि मैंने सफलता के लिए किये गये हवन-यज्ञ में आज अपने कार्य कि आहुति देकर उसे प्रज्जवलित रखा 🙂                                                                                                                                                                                      आपको अपना लक्ष्य प्राप्त करने में क्या क्या कठिनाईयों का सामना करना पड़ा या आप किस प्रकार से स्वयं को सफलता के पथ पर आगे बढ़ा रहें हैं comment box में Share करें ताकि और लोग भी आपके अनुभवों का लाभ ले सकें:) 

 

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