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वो पास है या दूर है, इस मांग का सिंदूर है: HAPPY KARWACHAUTH

संस्कार देने की श्रृंखला में भारत का स्थान हमेशा से ही अव्वल रहा है और हर व्रत त्यौहार के पीछे कोई न कोई कारण भी रहता ही है। करवा चौथ के इस व्रत को करने से सुहागन स्त्रियाँ अपने पति की लम्बी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना करती हैं। महाभारत काल में द्रौपदी द्वारा पांचों के लिए करवा चौथ के व्रत रखे जाने का भी वर्णन मिलता है। मुझे लगता है कि पति पत्नी के खट्टे- मीठे रिश्ते को सुदृढ़ और अत्यंत आत्मीय भाव का संस्कार देना ही इस व्रत का उद्देश्य रहा होगा। करवा चौथ कार्तिक के पवित्र मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। वर्ष 2017 में यह त्यौहार 8 अक्टूबर को है।

क्या है करवा चौथ और सरगी? भारत में सुहागन महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत का पालन करती हैं, सुबह सूर्योदय से पहले उठकर खाना खाने का प्रचलन है इस भोजन में मुख्यतः ड्राई फ्रूट्स, नारियल, दूध-फेनियां या अपनी सुविधा अनुसार शाकाहारी भोजन को ग्रहण किया जाता है। यह भोजन सास द्वारा अपनी बहु के लिए तैयार किया जाता है इसमें बहुओं को कुछ न कुछ गहने देने का भी रिवाज़ है। इसके पश्चात पूरा दिन बिना कुछ खाए पिए रात्रि का चाँद निकलने तक सुहागनें अपना व्रत नहीं खोलती।

शाम के समय भगवान शिव, पार्वती, कार्तिक, गणेश जी की पूजा की जाती है, इसमें सभी स्त्रियाँ किसी मन्दिर या घर में बैठकर अपनी थालियों को घुमाकर सुहाग के गीत गाती हैं, कथा सुनती हैं एवं अपने पतियों की लम्बी आयु की प्रार्थना करती हैं

रात को एक छलनी में से चंद्रमा को देखने के बाद अपने पति के हाथ से पानी पीकर ही अपने व्रत को खोलती हैं और भोजन ग्रहण करती हैं।

करवा चौथ की कथा का सारांश: वीरवती नाम की एक रानी जो कि अपने 7 भाइयों की अकेली बहन थी और उन्हें बड़ी प्रिय थी। बहन की पीड़ा कोई भी भाई नहीं देख पाता था। वीरवती की शादी छोटी उम्र में हो गयी थी और पहले करवा चौथ पर अपने माता-पिता के घर पर ही थी और चन्द्रमा निकलने इंतजार उसे व्याकुल किये जा रहा था जिससे की वह फिर से पानी पी सकती थी।

वीरवती के भाइयों से उसका दुःख देखा न गया,  दर्पण(शीशा) और आग जलाने के प्रयोग से उन्होंने वीरवती को यह एहसास करवाया कि  देखो चन्द्रमा निकल गया है और गलती से वीरवती ने अपना व्रत खोल दिया। जिस कारण गणेश जी रुष्ट हो गए और कुछ ही समय में उस बहन के पति शारीरक रूप से अस्वस्थ हो गए और उन्हे खूब आर्थिक हानि भी हुई। वीरवती को जब इस बात का पता चला कि उसका करवाचौथ का व्रत अपूर्ण रहा था इस कारण यह विपदा आई है तो उसने अगली बार पूरे विधि विधान से करवाचौथ का व्रत किया तब गणेश जी नें उनके जीवन के सारे विघ्न हर लिए, और उन्हे फिर से धन-संपन्न कर दिया।

करवा चौथ पर बहुत सी हिंदी फिल्मों में कई गाने आयें हैं लेकिन एक सुहागन के पतिप्रेम के लिए “सैनिक” फिल्म यह गाना सबसे अच्छा है।

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