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जीवन के महत्वपूर्ण स्तम्भ पिता जी/Father : An important pillar of life

Hello Fellows,

इस जीवन में जितना महत्व माँ का होता है उतना ही महत्व पिता का भी होता है, लेकिन जिम्मेवारियों के पीछे छिपा पिता का स्नेह दिखाई नहीं देता और माँ की ममता का आवरण ही हमारे चारों ओर रहता है। एक ऐसा शख्स जिस से पूरे परिवार का अस्तित्व है, माँ की बिंदी और सुहाग है, बच्चो के खिलौने, किताबें और हमारे गुड्डे गुड़ियों के खर्चे की जिम्मेवारी, लेकिन फिर भी चेहरे पर कोई शिकन नहीं। हर बार उसी शिद्दत से हमारी हर ख्वाहिश को पूरी करने की चिंता करते पिता जी को Newsfellow Team का शत शत नमन।

पंडित ओम व्यास जी द्वारा रचित ये कविता जो मुझे लगता है कि पिता के महत्व को भली भांति बताती है आपके समक्ष रख रहा हूँ। आशा करता हूँ आपको पसंद आयेगी। याद कीजिये उन दिनों को जब एक पिता 8-8 बच्चों की जिम्मेवारी को अच्छे  तरीके से निभाता था। लेकिन आज अकेला पिता 8-8  बच्चों को भारी लगने लगा है। भारत में वैसे तो हर दिन ही “Father’s day” होता है लेकिन अगर वास्तव में ऐसा होता तो वृद्धाश्रम खोलने की जरूरत भारतवर्ष में शायद अनुभव न होती।

किसी शायर ने खूब कहा है:

“पके फल पेड़ों से नाता तोड़ जातें हैं 

अपाहिज बाप हो जाये तो बेटे छोड़ जाते हैं”

ऐसे समय में father’s day मनाना मुझे नहीं लगता गलत है। ये उन बच्चों को अपने माता पिता की कुर्बानियों को याद दिलाने का एक अच्छा दिन है। याद कीजियेगा उन पलों को जब एक बच्चा अपने पिता के साथ बाज़ार जाता है और पिता के जेब में 50 रूपये होतें हैं और बच्चा 200 रूपये के सामान को खरीदने की जिद्द करता है। उस समय पिता की विवशता और बच्चे की जिद्द में स्वयं को सोचकर यह पंक्तियाँ पढ़िएगा कि पिता क्या होता है।

पिता जीवन है, संबल है, शक्ति है

पिता सृष्टि के निर्माण की अभिव्यक्ति है

पिता अंगुली पकड़े बच्चे का सहारा है

पिता कभी कुछ खट्टा, कभी खारा है

पिता, पिता पालन है, पोषण है, परिवार का अनुशासन है

पिता धौंस से चलने वाला प्रेम का प्रशासन है

पिता रोटी है, कपड़ा है, मकान है

पिता छोटे से परिंदे का बड़ा आसमान है-2

पिता अप्रदर्शित अनंत प्यार है

पिता है तो बच्चों को इंतज़ार है

पिता से ही बच्चों के ढेर सारे सपने हैं

पिता है तो बाज़ार के सब खिलौने अपने हैं-2

पिता से परिवार में प्रतिपल राग है 

पिता से ही माँ की बिंदी और सुहाग है 

पिता परमात्मा की जगत के प्रति आसक्ति है 

पिता गृहस्थ आश्रम में उच्चस्तिथि  की भक्ति है 

पिता अपनी इच्छाओं का हनन और परिवार की पूर्ति है

पिता रक्त में दिए हुए संस्कारों की मूर्ति है 

पिता एक जीवन का जीवन को दान है 

पिता दुनिया दिखाने का एहसान है

पिता सुरक्षा है, अगर सिर पर हाथ है

पिता नहीं तो बचपन अनाथ है-2

तो पिता से बड़ा तुम अपना नाम करो 

पिता का अपमान नहीं, उनपर अभिमान करो 

क्यूंकि माँ-बाप की कमी को कोई पाट नहीं सकता 

और ईश्वर भी उनके आशीषों को काट नहीं सकता-2 

विश्व में किसी भी देवता का स्थान दूजा है 

माँ-बाप की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है 

विश्व में किसी भी तीर्थ की यात्राएं व्यर्थ हैं 

यदि बेटे के होते माँ-बाप असमर्थ हैं 

वो खुशनसीब है, माँ-बाप जिनके साथ होतें हैं 

क्यूंकि माँ-बाप के आशीषों के हाथ, हजारों हाथ होतें हैं ।

दोस्तों आपको ये कविता कैसी लगी कृपया हमें जरुर बताएं, और अपने कीमती विचार comment box में छोड़ना न भूलें ताकि हमें और अच्छा लिखने की प्रेरणा मिलती रहे। वैसे तो Newsfellow Team को विश्वास है कि आप अपने माँ बाप के प्रति स्नेह रखते होंगे, लेकिन फिर भी हम आशा करतें हैं कि आप दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे।

7 thoughts on “जीवन के महत्वपूर्ण स्तम्भ पिता जी/Father : An important pillar of life

  1. Really superb….heart touching…true words…only dat person can understand dese words who knws d importance of father..keep it up…

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