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Elon Musk जो भविष्य की problems भी जानता है और उनके solutions भी

Elon with Obama

Hello fellows,

जिनके बारे में हम आज आपको बताने जा रहें हैं, पूरी सदी में ऐसे 2-4 लोग ही पैदा होतें हैं जो अपने vision से दुनियां बदलने की चाह रखतें हैं। जाने कितनी भी मुश्किलें आयें वो कभी घबरा कर अपना लक्ष्य नहीं बदलते और ना ही उसे बीच में छोड़ देतें हैं।

हम कई बार कहते हैं न कि “पता नहीं यार किस मिट्टी का बना है ये आदमी” ऐसी उक्तियां ही Elon Musk पर चरितार्थ होती हैं।

Elon Musk के जीवन की शुरुआत:

Elon Musk का पूरा नाम Elon Reeve Musk है और इनका जन्म साउथ अफ्रीका में 28 जून 1971 को हुआ. बचपन से ही किताबों में उनकी इतनी रुचि थी कि 10 साल की उम्र में वेई इतनी किताबें पढ़ चुके थे जो शायद हमने अपनी पूरी पढाई के दौरान भी नहीं पढ़ी होंगी

Self-study से ही 15 साल की उम्र में घर पर ही कंप्यूटर पर उन्होंने एक गेम बना दिया जिसे बाद में उन्होंने $500 में किसी कंपनी को बेच दिया. आत्मविश्वास जगाने के लिए शायद यही काफी भी था कि उनका पढ़ाई की तरफ और रूझान हो गया

हमें भी अगर बचपन से किसी काम को करने के मोटिवेशन मिलती रहे तो स्वाभाविक है कि उस काम के प्रति हमारा लगाव पैदा हो ही जाता  है Elon Musk के अनुसार सबसे बड़ी प्रॉब्लम सोल्यूशन को ढूँढना है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी प्रॉब्लम का सोल्यूशन ढूंढा नहीं जा सकता

किन-किन कठिनाईयों से होकर गुज़रा जीवन:

आज Elon Musk  फोर्ब्स के अनुसार पूरी दुनियां में 21वें नंबर के सबसे अमीर आदमी हैं लेकिन ये अमीरी उन्हें परिवार से नहीं मिली बल्कि अपनी प्रतिभा के दम पर मिली है Elon musk के बारे में आप जितना जानेंगे उतने ही जूनून से भर जायेंगे।

मैं तो नहीं सोच सकता कि Computer programming आपको बिना किसी के पढ़ाये आ सकती है. वो बात ठीक है कि एक बार ट्रैक पर आने के बाद आप Improvements कर सकतें हैं या बिना किसी formal पढ़ाई/डिग्री के आप राकेट बनाने की कैसे सोच सकतें हैं?

ये कारनामा नहीं तो और क्या है? 1995 में इन्होनें अपने भाई Kimbal के साथ मिलकर एक सॉफ्टवेर कंपनी zip2 की शुरुआत की, अपने पिता से मिले कुछ पैसों से कंपनी की शुरुआत हुई लेकिन बाद में कंपनी की परफॉरमेंस के चलते इन्हें fundings भी मिलनी शुरू हो गयी।

कंपनी बड़ी हुई और बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स भी बढ़ते गये, उम्र और अनुभव दोनों कम थे तो Elon जब भी कोई मीटिंग लेते तो दूसरे साथी इसे इसलिए पसंद नहीं करते थे कि इतनी छोटी age का व्यक्ति हम जैसे अनुभवी लोगों को कैसे बिज़नस strategy के बारे में बता सकता है।

मार्किट क्रेश और रिसेशन के चलते बोर्ड मेम्बेर्स ने सोचा कि हमें इस कंपनी को बेच देना चाहिए, बाद में यह कंपनी Compaq को बेच दी गयी। Elon का शेयर 7% था और उन्हें उनके हिस्से का 22 मिलियन डॉलर का मुनाफा हो चुका था।

प्रोग्रामिंग तो जानते थे ही और फ्यूचर demands से भी अवगत थे, बिना देर किये इन्होने X.com नाम की एक कंपनी बनाई जो पैसे को digitally ट्रांसफर/transaction करती थी। योजनायें तो हम सबके पास भी होती हैं लेकिन उन्हें implement करने में देरी कर देतें हैं और जो लोग अपनी योजनाओं को execute कर देतें हैं बिना किसी फायदे और नुकसान की चिंता के वे अपनी फील्ड के pioneer बन जातें हैं।

बाद में ऐसा ही काम करने वाली एक और कंपनी बनी, और बाज़ार में एकाधिकार के लिए ये दोनों कंपनियां एक साथ आ गयी और बन गयी “PayPal” 🙂

paypal logo

सीईओ होने के नाते दूरदर्शी तो थे ही और अपनी कंपनी को आगे भी बढ़ाना चाहते थे लेकिन किसी मुद्दे पर इनकी बहस कंपनी के CTO (चीफ टेक्निकल ऑफिसर) से हो गयी, Musk चाहते थे कि Windows operating system का इस्तेमाल करना चाहिए लेकिन CTO के अनुसार Linux ज्यादा बेहतर था।

Elon शादी करने के लिए vacations पर गये और जब वापिस लौटे तो पाया की CTO ने सबको अपने साथ ले लिया है और इन्हें उस कंपनी से fire कर दिया गया।

लेकिन जिस भी काम में हाथ डाला उसमे से सोना कैसे निकलना है musk अच्छी तरह जानते थे, इस कंपनी से भी अपना share 165 मिलियन डॉलर लेकर निकले।

जो लोग आगे बढ़ने की कला जानते हैं वे कभी रुकते नहीं अब नयी सोच जन्म ले चुकी थी और वो थी “मंगल ग्रह” पर नयी दुनियाँ बसाने की. लेकिन उसके लिए तो राकेट वगैरह सब चाहिए था, राकेट आदि खरीदने के लिए ये रूस गये और पता चला कि 8 मिलियन डॉलर देने पड़ेंगे

काफी सोच विचार करने के बाद इन्होनें पाया कि राकेट आदि बनाने का काम सिर्फ गवर्मेंट की कंपनी ही क्यों करे मैं क्यों नहीं कर सकता।  SpaceX नाम की एक कंपनी बनाई और राकेट कैसे बनाया जाये इसकी स्टडी खुद ही शुरू कर दी।

आजतक जो राकेट अंतरिक्ष में जातें हैं वे सही सलामत वापिस नहीं आ सकते थे। लेकिन Elon Musk की सोच थी कम कीमत में राकेट तो बनाऊंगा ही और अंतरिक्ष में सामान आदि की सप्लाई के बाद वो वापिस भी आये ऐसी टेक्नोलॉजी भी इज़ात करूँगा।

पहला लांच किया तो इंजन में आग लग गयी, दूसरी बार राकेट उड़ा तो लेकिन पृथ्वी के orbit से बाहर नहीं जा पाया, तीसरी बार उड़ा लेकिन orbit में जाते ही राकेट off -route हो गया।

फंडिंग एजेंसियां से जो भी पैसा मिला था डूब गया, नासा से मिला पैसा भी नहीं बचा लेकिन फिर भी इन्होनें हार नहीं मानी और कहा कि एक बार और कोशिश करूंगा और सफल होकर दिखाऊंगा और कुछ ही महीनों के बाद try करूंगा।

क्या क्रेजी आदमी है यार! जहाँ गवर्मेंट एजेंसियां एक failure के बाद कई-कई महीनों तक R&D करती हैं और मिशन fail होने के कारणों पर विचार करती हैं वहीँ elon musk ने एक प्राइवेट कंपनी होने के बावजूद ऐसे घोषणा कर दी। मकान प्रॉपर्टी सब बेच दी, किराये पर रहने लगे लेकिन उन्हें अपने दिमाग पर विश्वास था कि मैं कर सकता हूँ 🙂

elon_musk_in_mission

चौथी बार के लांच में इन्होने इतिहास रच दिया और राकेट केवल लांच ही नहीं हुआ बल्कि अपना मिशन पूरा करने के बाद वापिस भी आया।

NASA जैसी बड़ी organization से इन्हें 1.5 बिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट मिला जिसमें इनका काम नासा के Equipment, cargo, satellite आदि को अंतरिक्ष में पहुँचाना है।

इस काम से जो पैसा कमाया उसे Tesla motors में डाल दिया, इनका शेयर जयादा होने के नाते इन्हें इस कंपनी का सीईओ बना दिया गया। इलेक्ट्रिक कार पर काम करने वाली इस कंपनी ने जब पहली कार बनाई तो estimated cost 50000 डॉलर आंकी गयी थी लेकिन बनने के बाद कार की बनाने की लागत एक लाख डॉलर से भी ऊपर चली गयी और कार खरीदने का कोई ग्राहक न मिला।

दूसरी बार के प्रयास में Elon Musk के मार्गदर्शन में वही कार 50000 डॉलर में बनकर तैयार हो गयी जो तेल से चलने वाली गाड़ियों की मार्किट को टक्कर देने के लिए तैयार थी।

Tesla roadster

यह भी पढें: बिना डीजल और पेट्रोल Tesla भरेगी दौड़ 

आज पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों के कारण पूरा संसार त्रस्त है उसमें बिजली से चलने वाली गाड़ियाँ पर्यावरण और समाज को राहत की सांस दे सकती हैं।

तो दोस्तों! Elon musk का जीवन अपने आप में प्रेरणा देने वाला है और अपने प्रति विश्वास रखकर कोई कैसे आगे बढ़ सकता है यह बताने वाला भी है। आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट के माध्यम से या hellonewsfellow@gmail.com पर ईमेल करके अवश्य बताएं।

 

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