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जिंदा होता ये शख्स तो बन जाता भारत का “आर्मी चीफ”/Captain Vikram Batra

9 सितम्बर 1974 को पालमपुर हिमाचल प्रदेश में जन्में विक्रम बतरा का गुणगान सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना द्वारा भी किया जाता है। पाकिस्तानी सेना इन्हें शेर-शाह यानि lion-king के नाम जानती है और वे परमवीर चक्र पाने वाले आखिरी आर्मी मैन हैं। कारगिल युद्ध में सबसे important 5 points जिताने में मदद की और जिसकी बहादुरी पर खुद आर्मी चीफ ने कहा कि “अगर वो जिन्दा वापिस आता तो आर्मी चीफ होता” विक्रम बतरा ने अपने साथी दोस्तों की जान बचाते हुए अपनी जान दे दी।

कुछ जुमलें हैं जो विक्रम बतरा इस्तेमाल किया करते थे:

कोई भी दुश्मन चौंकी  तबाह करने के बाद वो इतने खुश होते थे कि कहते थे “ये दिल मांगे more”

इसके अलावा उनका ये कहना कि “या तो मैं तिरंगे के पीछे आऊंगा, या फिर तिरंगे में लिपटा हुआ आऊंगा पर आऊंगा जरुर”      

आईये जानतें हैं उनकी लाइफ से जुड़े कुछ बहादुरी भरे facts:

  1. वे starting में कभी स्कूल नहीं गये उनकी पढाई शुरुआत में घर पर ही हुई जिसमे उनकी माता जी का सर्वाधिक योगदान था।
  2.  19 जून 1999 को विक्रम बतरा की अगुवाई में घुसपैठियों से point 5140 छीन लिया गया ये बहुत ही strategic point था जो कि Sea level से काफी ऊंचाई पर था। यही से पाकिस्तानी घुसपैठिये गोलियां बरसा रहे थे। इसके बाद वे point 4875 को जीतने के लिए चल पड़े जो कि 17000 फीट की ऊंचाई पर था और इसकी चढ़ाई भी 80 डीग्री थी।
  3. 7 जुलाई 1999 जिस दिन उनकी शहादत हुई उस दिन एक ऑफिसर को बचाते हुए विक्रम बतरा ने कहा की “तुम हट जाओ तुम्हारे बीवी बच्चे हैं”
  4. उनके एक साथी नवीन जो बंकर में उनके साथ थे बतातें हैं कि अचानक एक बम उनके पैर के पास आकर फटा जिस से कि वो बुरी तरह घायल हो गये और मुझसे वहां से हटने को कहा उसके आधे घंटे के बाद एक दुसरे साथी को बचाते हुए शहीद हो गये।
  5. लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी घुसपैठिये चिल्लाये कि “हमें माधुरी दीक्षित दे दो हम नरमदिल हो जायेंगे” इस पर विक्रम बतरा ने मुस्कुराते हुए अपनी AK-47 का मुंह उनकी तरफ मोड़कर कहा “लो माधुरी दीक्षित प्यार के साथ” और कई घुसपैठियों को मार गिराया।            
  6. “कैप्टन विक्रम बत्रा अगर कारगिल वॉर से सही-सलामत लौट आए होते, तो 15 साल के अंदर मेरी कुर्सी पर बैठे होते”  ये बात उस वक्त के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ वेद प्रकाश मलिक ने कही थी।
  7. विक्रम को डिंपल चीमा से बहुत प्यार था। उनकी मुलाकात पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई थी। शुरूआती कई साल उन्होंने चंडीगढ़ में गुजारे। लेकिन आर्मी में सिलेक्शन होने के बाद उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया। वें बताती हैं की 17 साल में एक भी दिन ऐसा नहीं गया जिस दिन विक्रम बत्रा को याद न किया गया हो। कारगिल से लौटने के बाद ही उन दोनों का शादी का प्लान था लेकिन अफ़सोस वे लौट न सके।
  8. 2003 में आई हिंदी मूवी LOC में कैप्टन विक्रम बतरा का किरदार अभिषेक बच्चन ने निभाया और उनके जुमलों के लिए उन्हें हमेशा याद किया जायेगा।

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