About me

Hello Fellows,

मेरा नाम अंकुश हंस है, आप सबकी ही तरह मेरे भी मन में बहुत से विचार जन्म लेतें हैं। और कहीं न कहीं किसी वजह से उन्हें kill भी करना पड़ता है। आप सब में से भी कोई IAS, Doctor, Officer, Engineer, Singer, Writer बनना चाहता होगा और न जाने कितनी ही streams में हम अपना career बनाना चाहते होंगे। क्या कभी आपने सोचा कि हम सब अपने लक्ष्य को achieve क्यों नही कर पाते ? (कुछ अपने लक्ष्य को पाने में सफल भी होतें हैं) मुझे लगता है कि Hard work हम करना नहीं चाहते, Time हम निकाल नहीं पाते लेकिन फिर भी हम Busy रहतें हैं 😉

 मैं आपको अपनी बात बताता हूं, मैं बड़े साधारण से परिवार से सम्बन्ध रखता हूं। हमेशा से संस्कारों के बीच पलने का अवसर मिला, परिवार धार्मिक होने के चलते बचपन से ही एक सोच develope हुई कि ईश्वर पर विश्वास रखो, वो जो करेंगे अच्छा करेंगे और उसी में ही satisfied रहना है। मेरा कोई लक्ष्य नहीं था, मैं क्या बनना चाहता हूँ नहीं जानता था। कोई Aim नहीं, जिसने जो कहा कर लिया, Computer Hardware का course कर लो बड़ा scope है, मैंने कर लिया। बेटा, Arts, Commerce तो सब करतें हैं तो लगा कि अरे ! ये लोग मुझपे इतना विश्वास करतें हैं तो मैं Non-Medical तो कर ही सकता हूँ (कहीं न कहीं ये decision मेरा नहीं बल्कि लोगों का था) वैसे एक बात तो थी कि Arts, and Commerce वालों से अलग रहने का Proud ही अलग था। 🙂

लेकिन ये ना जानता था कि आगे क्या होगा? तो भैया, जैसे कैसे 12th कर ली। अब मन में आया कि “बेटा तुमसे ना हो पायेगा” (क्यूंकि Pre – Board के exams में Math वाले Sir ने पिता जी को बुलाया और कहा की आपका लड़का fail हो जायेगा इसे बोलो कि पढ़ाई पर ध्यान दे) अब बेचारे पिता जी क्या बोलते, पढ़ो बेटा इसमें तुम्हारा ही फायदा है । इसी सोच के चलते कि ये पढाई Tough है की वजह से Graduation में Arts ले ली और वो भी Correspondence Department Kurukshetra University से (लौट के बुद्धू  घर को आये वाली बात थी ये) तो अब जनाब के पास Time की कमी नहीं थी और बताने वालों के पास ideas की। अब घर बैठ के भी क्या करते, घर के काम? तो एक स्कूल join किया एक साल तक, एक साल Diploma किया Computer Hardware का, और लगभग एक साल तक RSS (एक समाजसेवी संस्था) में विस्तारक के रूप में रहा (Turning Point) अब कहीं न कहीं व्यक्तित्व में सुधार आ रहा था । अपने decisions खुद लेने की ताकत बढ़ रही थी। परिवार के प्रति अपनी responsibilities बढती देख मुझे समझ आया कि पढ़ाई ऐसी करो जो job दिलाये, तो भैया MCA कर डाली हमनें Maharaja Agrasen College Yamunanagar से और वो भी Regular ;)…..3 साल की MCA की पढाई के बाद मैंने खुद को बहुत कोसा कि मैंने Graduation Regular न करके बहुत गलत किया, क्यूंकि प्रतिभा के जिन पंखों के सहारे मैं MCA में उड़ा अगर वही पंख Graduation में लगे होते तो life कुछ और ही होती और जीवन को जल्दी बेहतर बना सकता था। (लेकिन परिवार का संस्कार कहता था कि जो होता है अच्छा होता है इसलिए संभल गया)

Regular Degree की वजह से Stage performance, Stage Hosting, Writing & Reciting Poems, Youthfest, Seminars, इन सब प्रतिभाओं को एक platform मिला और मैं Self realization कर पाया अपने अंदर छुपे इन सब Talents का । पढाई में बड़ा साधारण लेकिन इन्ही curricular Activities में एक्टिव रहने के चलते मैं अपनी एक पहचान कायम कर पाया । अब मुझे Seniors & juniors सब जानते थे और उन्ही के स्नेह के चलते मुझे लगा कि मानो पढाई की Value कम है । खैर! मैं अपनी कमजोरियों पर विजय पाने में सफल हुआ और जान पाया कि “मंजिलें और भी हैं” 

तो दोस्तों अपने अंदर के Artist , जिसमे आपको लगता है कि आप भीड़ से अलग हैं उसे पहचानने की जरुरत है। 2011 से 2017 तक 2-3 companies में job करने के बाद आज जब मैं शादीशुदा हूँ, मेरी Wife Shweta ने फिर से मुझे Inspire किया कि मुझे कुछ लिखना चाहिए क्यूंकि उन्हें लगता है कि मैं अपने विचारों के ज़रिये बहुत से लोगों को प्रेरित कर सकता हूँ । आज अपनी पत्नी की प्रेरणा के फलस्वरूप इस Blog की शुरुआत हुई है। आशा करता हूँ की आपका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहेगा ।

 मैं Hindi + English  का प्रयोग क्यों करता हूँ?

मुझे लगता है कि कोई भी Language अगर शुद्ध रूप से बोली जाये तो हो सकता है कि बहुत से लोग उसे समझ ना पाएं । क्यूंकि भारत जैसे देश में जहाँ विविधताएं इतनी हैं कि हिंदी और English को समान रूप से बोलने और समझने वालों की भी कमी हैं वहीँ, Hinglish अपनी पहुँच सब जगह बना चुकी है। (हिंदी भाषा बोलने में english के words आना और उनके प्रयोग को मैं Positive मानता हूँ क्यूंकि भारतीय संस्कृति अपनाने, और शरण देने की संस्कृति है जो भारतवर्ष को विविधताओं का देश बनाती है अतः इंग्लिश का अपनी जननी की शरण में आना Acceptable है। “अनेकता में एकता, हिन्द की विशेषता”  )

एक हिन्दुस्तानी जब भी कभी Internet पर कुछ search करता है तो English language में पढ़ा गया कोई भी Topic समझ तो आता है लेकिन उसे तब तक express नहीं कर पता जब तक उसी topic की उपलब्धता हिंदी में न हो(शायद आपको पता है मैं सही कह रहा हूँ 🙂  … तो language selection करते समय मेरे मन में आया कि अगर मैं अधिक से अधिक लोगों तक अच्छे विचारों को पहुँचाना चाहता हूँ तो Hinglish का प्रयोग करके ही Maximum readers से connect किया जा सकता है । और सबसे ख़ास बात यह कि Internet पर हिंदी भाषा का content बहुत ही कम है और Hinglish समझने और बोलने वाले Readers ज्यादा हैं । इसलिए Hinglish का प्रयोग करके कहीं न कहीं रोजमर्रा की भाषा में आपको अपने विचारों से अवगत करवाना और understanding के साथ Knowledge Transfer करना ही इस Blog का उद्देश्य है ।